इसमें केजरीवाल जिक्र कर रहे है स्ट्राइक का IAS अधिकारियो द्वारा और बाद में यह भी कह रहे की जो राजनीती करना चाहते है वह रिजाइन कर पॉलिटिक्स में आ सकते और उनके मुताबिक उन्होंने कई राजनीतिक पार्टियों को सबक सिखाया है. और यह भी कह रहे है की वह १०-१५ साल तक सरकार में रहेंगे किसी को अच्छा लगे या बुरा.

दूसरी पार्टी को हर एक चीज के लिए दोषी ठहरना हर पॉलिटिशियन का हक सा ही है इस देश में और केजरीवाल जी तो इस के माहिर है. बहराल सब ठीक है परन्तु कही उनकी भाषा और लहजा काफी घमंडपूर्ण हो गया इस भाषण में. इस देश में अधिकारियो के बिना काम करना मुश्किल है क्युकी हम ब्रिटिश सिस्टम को कुछ हद तक फॉलो करते है जिसमे civil servants लोगो के बिना काम करना आसान नहीं.

यह अजीब बात है की केजरीवाल IAS officers लोगो से सीधा भिड़ रहे है और केंद्र पर इलज़ाम लगाते है. और वहा केंद्र सरकार इस अफसरशाही की भी शिकार है जहां कांग्रेस राज में पड़ी आदतें अधिकारियो से जल्दी नहीं छूट रही है. बहुत सारे प्रोजेक्ट रुक गए है क्यूंकि अफसर कानून का हवाला दे कर उन्हें रोक देते है. और इस देश के कानून सिर्फ देश की तरक्की रोकने के लिए और शरीफ लोगो को तंग करने के लिए ही बनाए गए है.

https://youtu.be/h9GK0Vjw0FU

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