है कौन यह ???

दो सैनिको की यह बातचीत आपका दिलो दिमाग झंकझोर के रख देगी, आपको एक ऐसी कशमकश में डाल देगी जिससे आप ये सोचने पर मजबूर हो जोगे के क्या वाकई जो यह बोल रहे है सच है …? अगर इन दोनों सैनिको की बातचीत का 1% भी सच है तो यह वाकई एक चिंतन का विषय है .

क्या हो अगर दुश्मन घर में से ही एक हो…? जिस तरह जयचंद ने पृथ्वी राज चौहान को हराने में महुमद शाह गौरी का साथ दिया , कही इतिहास का वही हिस्सा दुबारा तो नही दोहराया जायेगा ?

एक कोशिश हम सभी को करनी होगी वोह है ‘आपसी एकता’ , जी हाँ एक भारत श्रेष्ट भारत . परिवार वही तर्रकी करता है जो एक साथ रहता है , जिस के सभी सदस्यों को एक दुसरे पर विश्वास होता है , एक दुसरे के लिए मन में सम्मान होता है , ठीक उसी तरह एक देश भी तभी तर्रकी करता है जब उस देश में रहने वालो लोग एक दुसरे के प्रति मान रखे, सम्मान करे .

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