यह हमारे स्कूलों का स्तर

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उधमपुर टाउन के गवर्नमेंट स्कूल के टीचर से जब पुछा गया फॉसिल फ्यूल्स के बारे में तो जवाब जानकार आप हैरान रह जायेंगे. उनका जवाब था फॉसिल फ्यूल्स कबाड़ होता है घर का. जिसे सुनकर उधमपुर के डिप्टी कमिश्नर सहीद इकबाल चोधरी ने टीचर्स को एक महीने का वक़्त दिया तयारी के लिये जिसे वो अपना पढाई का स्तर ठीक करे और स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लायक हो सके.

जब सहीद इकबाल चोधरी इंस्पेक्शन पर थे स्टेट स्कूल की, तो उन्होबे दसवी कक्षा के स्टूडेंट्स से कुछ सवाल पूछे ह्यूमन दिजेस्तिव system को लेकर और त्रिभुज यानि ट्रायंगल का एरिया मेअसुरे करने का फार्मूला पुछा जो उनके मैथ्स के टीचर को भी नही पता था.

जबकि सभी टीचर्स MSc और MEd डिग्रीज होल्डर है और उन्हें साधारण सवालो के जवाब नही नहीं पता थे तो सोचिये बच्चो का क्या हाल होगा.

जरूरी है की हम अपनी एजुकेशन system को दरुसत करे वर्ना हमारे देश का भविष्य बहुत अच्छा नहीं है. देश के दूर दराज इलाको में भी शिक्षा का स्तर ठीक होना चाहिये वरना राईट टू एजुकेशन एक छलावे के अतिरिक्त कुछ नहीं है. प्रथम जो की एक NGO है हर वर्ष रिपोर्ट निकालते है, शिक्षा के स्तर पर स्कूलों में जिसका हमारी राज्य सरकारों को संज्ञान लेना चाहिये.

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