मोरों के मारे यह बेचारे गॉव वाले !!

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इंग्लैंड में स्तिथ उशॉ मूर गांव के लोग आजकल ‘सेक्स’ से बेहद परेशान है, दरअसल यह सेक्स यहाँ के लोग नही बल्कि “मोर और मोरनियों” कर रहे है .

PEACOCK MATING IN ENGLAND (3)

लोगो के मुताबिक मोरों और मोरनियों ने उनका रहना दूभर कर रखा है , और अब तो हद ही हो गयी है .

उशॉ मूर गांव के निवासिओ के मुताबिक यह मोर-मोरनिया उनके वाहनों पर हमला कर देते है और स्क्रैच दाल देते है .

PEACOCK MATING IN ENGLAND (1)

यह इतना शोर करते है के हम चैन से जी भी नही पा रहे है, दिन की बात छोड़ दीजिये ये रात में हमारी छतो पर आ जाते है, और इतना शोर करते है के हम सो भी नही पाते.

गांव में रहने वाले इन बाशिंदों ने डरहम काउंटी काउंसिल में शिकायत भी दर्ज करवाई है , अभी जाच चल रही है जो पर्यावरण सुरक्षा क़ानून 1990 के अनुसार है . काउंसिल इन पक्षियों की ओर से मचाए जाने वाले शोर की जांच मानक ध्वनि मापदंडों के अनुसार कर रही है.

PEACOCK MATING IN ENGLAND (2)
कोई भी गाव वाला ये सही से बता नही पा रहा है के इन मोर-मोरनियो की संख्या है कितनी कोई 13 कहता है कोई 30, ना ही कोई गाव वाला ये सही से बता पा रहा है के यह मोर मोरनिया आये कहा से है .

PEACOCK MATING IN ENGLAND (4)

इंग्लैंड की एक स्वंसेवी संस्था ‘द रॉयल सोसाइटी फ़ॉर द प्रोटेक्शन आॅफ़ बर्ड़स (आरएसपीबी) के क्रिस कौलैट के अनुसार ‘जहां तक क़ानून का सवाल है, तो इन पक्षियों को लेकर कोई साफ़ या एकमत नहीं है. मोरों को जंगली पक्षी के वर्ग में नहीं रखा गया है. इन्हें पालूत पक्षी माना गया है लेकिन ये ऐसे पालतू पक्षी हैं, जिनका कोई मालिक नहीं है. इन्हें क़ानूनन जंगली पक्षियों को मिलने वाली सुरक्षा भी हासिल नहीं है.”

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