इंडियन एयरफोर्स के पायलट्स लेते है Go/No-Go पिल्स

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भारतीये वायुसेना के पायलट्स खाते है Go/No-Go टेबलेट्स जो की अलर्टनेस और बौधिक शक्ति को बढाती है. इन गोलियों से थकान और नींद भी भगाई जाती है फाइटर पायलट्स द्वारा. यह पिल्स मान्य है कंसम्पशन के लिये जब आप लम्बी कई घंटो के युद्ध अभ्यास करते है जहां नींद और थकान का कोई स्थान नहीं है और चौबीस घंटो आपको चौकना और मुस्तेध रहना होता है.

“Go” गोलोयाँ Modafinil तत्व से बानी है जो इस्तेमाल किया जाता है दुनिया भर की फौजों द्वारा, चौकना और मुस्तेध रहने के लिये. “No Go” पिल्स है Zolpidem, एक तरह का sedative है जो नींद न आने की बीमारी को ठीक करने के लिए किया जता है.

इनका इस्तेम्मल शमता को बढ़ाने के लिये किया जता है काफी ट्रायल्स के बाद. सभी चीजो का ध्यान रखा जता है सुरक्षात्मकक दृष्टि से, डॉक्टर द्वारा ट्रायल और गहन अधययन के बाद ही इन pharmacological strategies को इस्तेमाल किया जता है लम्बे युद्ध अभ्यासों के लिये. Go पिल के बाद combat sortie का अभ्यास या युद्ध उपरान्त फाइटर पायलट को पूरी नींद भी जरूरी है. जिससे की वो अगली mission के लिये तेयार रहे.

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