Thursday, June 29, 2017

भगवान श्री रामचन्द्रजी की आरती

भगवान श्री रामचन्द्रजी की आरती श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं । नवकंज लोचन, कंजमुख, करकुंज, पदकंजारुणं॥ श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं । श्री राम श्री राम.... कंदर्प अगणित अमित छबि, नवनीलनीरद सुन्दरं । पट...

|| कर्ण कथा ||

जन्म कथा कर्ण कुंती का पुत्र था| पाण्डु के साथ कुंती का विवाह होने से पहले ही इसका जन्म हो चुका था| लोक-लज्जा के कारण उसने यह भेद किसी को नहीं बताया और चुपचाप...

बिजली महादेव, कुल्लू (हिमाचल); हर बारह साल में एक बार शिवलिंग पर गिरती है...

भारत में भगवान् शिव शंकर के अनेक अद्भुत मंदिर है उन्हीं में से एक है हिमाचल प्रदेश के कुल्लू शहर में स्तिथ बिजली महादेव.   कुल्लू का पूरा इतिहास बिजली महादेव से जुड़ा हुआ है. कुल्लू शहर...

माँ दुर्गा जी की आरती

दुर्गा जी की आरती   जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी तुम को निस दिन ध्यावत मैयाजी को निस दिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवजी ।| जय अम्बे गौरी ॥ माँग सिन्दूर विराजत टीको मृग मद को |मैया...

कभी सोचा है के गुस्से में हम क्यों चिल्लाने लगते है ? पढ़े इसका...

आपने अक्सर देखा होगा के जब भी दो लोग आपस में लड़ने लगते है तो वोह चिल्लाना शुरू कर देते है, हालाकि अगर वोह आराम से भी बात करे तो एक दुसरे की बात...

माँ चामुण्डा देवी जी की आरती

चामुण्डा देवी जी की आरती  जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी। निशिदिन तुमको ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवजी॥ जय अम्बे माँग सिन्दूर विराजत, टीको, मृगमद को। उज्जवल से दोउ नयना, चन्द्रबदन नीको॥ जय अम्बे कनक समान कलेवर,...

#चमत्कार – मंदिर में ‘माँ काली’ की ‘आंखें’ विडियो बना रहे शख्स की तरफ...

हम इस विडियो की पुष्टि नहीं करते, यह विडियो किसी की शरारत भी हो सकता है.    पर ....अगर यह सच है तो यह चमत्कार है  ....   इस विडियो को सोशल मीडिया में अपलोड करने वाले इन्सान...

नवरात्रि के पहले दिन होती है मां शैलपुत्री की आराधना

माँ दुर्गा अपने प्रथम स्वरूप  में शैलपुत्री के रूप में जानी जाती हैं। पर्वतराज हिमालय के घर जन्म लेने के कारण इन्हें शैल पुत्री कहा गया। माँ भगवती का वाहन बैल है। इनके दाहिने हाथ...

भगवान श्री विष्णु जी की आरती

भगवान श्री विष्णु जी की आरती ॐ जय जगदीश हरे ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे | भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे | ॐ जय जगदीश हरे || जो ध्यावे फल पावे, दुःखबिन से...