सिअचेन अवलांच में शहीद हुए जवानों को सलाम

सिअचेन दुनिया का सबसे उंचा सक्रिय युद्ध स्थल है

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सभी दस जवानों को मृत घोषित कर दिया गया जो बुधवार को एक बड़े हिमस्खलन में फंस गये थे. लेफ्टिनेंट जनरल डी एस हूडा, जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ, ने दुःख प्रकट करते हुए जवानों को सलामी दी उनकी वीरता को जिन्होंने देश की सीमा की सुरक्षा करते हुए अपने प्राण नौछावर कर दिए.

डिफेंस मिनिस्ट्री के प्रवक्ता ने पहले ही एक वक्तव्य में जवानों की मिलने की कम उम्मीद जताई थी. एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर और नौ जवान आर्मी की 19 मद्रास बत्त्लिओन के थे. बुधवार सुबह सभी जवान सिअचेन में इस बड़े अवलांच में फंस गये थे जो 19600 फीट उचाई पर है भारत-पाक सीमा सिअचेन ग्लेशियर पर और बाना पोस्ट के समीप.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी जवानों की मौत पर दुःख प्रकट किया और उनकी शहादत पर उन्हें सलामी दी और उनकी फैमिलीज़ को भी सांत्वना प्रकट की.

सिअचेन दुनिया का सबसे उंचा सक्रिय युद्ध स्थल है. जो पाकिस्तान द्वारा 1984 से लड़ा जा रहा है जब भारत ने ऑपरेशन मेघदुत की शुरवात की थी. भारतीये सेना ने पाकिस्तानी आर्मी द्वारा सिअचेन ग्लेशियर पर कब्जा करने की चाल को भांप लिया था और सिअचेन ग्लेशियर पर कब्ज़ा कर लिया था जबकि पाकिस्तानी आर्मी नींचे सल्तोरो रिज पर सिमट कर रह गयी थेी.

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