आइंस्टीन की थ्योरी की हो सकती है पुष्टि आज

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100 वर्ष पूर्व आइंस्टीन ने जो अवधारणा गुरुतत्व लहरों पर की थी की स्पेस और टाइम में यह लहरें ब्रह्माण्ड में घूमती रहती है की पुष्टि हो सकती है आज. जिसका विज्ञानिको को अनुमान पर कोई पुख्ता साबूत नहीं था. US नेशनल science फाउंडेशन के शोथ्कर्ता घोषना कर सकते है ऐसी लहरों के होने की.

अगर ऐसा होता है तो यह एक महत्वपूर्ण घटना होगी ब्रह्माण्ड को समझने और उसमे सिमटे राजो की. कैसे ब्रह्माण्ड बना और ब्लैक होल्स और न्यूट्रॉन स्टार कैसे बनते है.

ग्रेविटेशनल वेव्स एक तरह का मूविंग मास है जो लाइट जैसे ही चलता है परन्तु स्पेस और टाइम में. नासा अस्त्रोफ्य्सिसिस्त कहते है जब आप चार्ज्ड पार्टिकल को मूव करते है तो रेडिएशन निकलता है वैसे ही जब आप masses मूव करते है तो ग्रव्ततिओनल वेव्स बनती है.

भारी और गहरा सेलेस्टियल बॉडीज जैसे की ब्लैक होल्स और न्यूट्रॉन स्टार्स को समझा जा सकता है यदी ग्रेविटेशनल वेव्स को ओब्सेर्वे किया जाये. इसीलिये आइंस्टीन की थ्योरी ग्रेविटेशनल वेव्स पर इतनी महत्वपूर्ण है.

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