वोह तड़पता रहा, दोस्त हसते रहे

अजब गजब दुनिया ....

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मदद करने की बजाये दोस्त उसे देखते रहे, हसते रहे, उसका विडियो बनाते रहे .

कुछ ऐसा ही हुआ जब एक बेचारा बिजली मैकेनिक पंखा ठीक करते हुए अपना सर ही फसा बेठा छत में, काफी कोशिशो के बाद भी वोह नाकामयाब रहा खुद को इस स्तिथि से निकलने में.

हुआ यु के ये महाशय अपने काम को जरा जादा ही जल्दी करने के चक्कर में अपना सर ही सिएलिंग में फसा बेठे, बस फिर क्या था, बन गया इनका पप्पू.

बिजली की तारो को आचे से देखने समझने के लिए इन्होने अपना सर ही फसा डाला, बहुत नाकाम कोशिशो के बाद और काफी मशकत के बाद ये आख़िरकार अपना सर बाहर निकलने में कामयाब हुए .

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