धनुषकोडी; भूतो का शहर

आप कहि जाये न जाए, यहा जरुर जाए

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ghost town, Dhanushkodi, Chennai/Rameswaram, Sri Lanka, cyclone, flourishing town, outhern tip of Pamban Island, Rama Sethu,

भूतो का एक शहर 

22 दिसम्बर 1964 की वोह रात अपने साथ बर्बादी लेके आई तमिलनाडु के एक सुदूर छोटे से हस्ते खेलते गाव धनुषकोडी के लिए. चारो तरह सिर्फ चीख पुकारे ही थी, प्राकर्तिक आपदा का वोह एक ना भुला पाने वाला मंजर था अब तक के इतिहास मे, धनुषकोडी में आज भी सिर्फ अवशेष ही बिखरे पड़े लोगो की उन यादो के साथ और शायद ये दर्द के साये में जीती यादें हमेशा जीवित रहेंगी उन लोगो के दिलो में जो उस दिन जीवित बच गये और इतिहास के पन्नो में .

200 से ज्यादा लोग मारे गये ऊची उठी समंदर की लहरों से, जो कहते है इतनी विशाल थी की उनकी ऊचाई का अंदाज़ा तक लगा पाना मुश्किल था

लगभग 2000 लोग मारे गये उस भयानक तूफ़ान की चपेट में आ कर, निगल गया वोह भयानक तूफ़ान 2000 जिंदगियो को उस भयानक रात को

धनुषकोडी एक समय में एक हस्त खेलता द्वीप था, तमिलनाडु का एक छोटा सा इलाका जहा खुशिया बस्ती थी, एक ऐसी जगह जो प्रभु श्रीराम से भी जूडी हुई है .एक बेहद ही पवित्र जगह जो हिन्दू तीर्थ यात्रियों के लिए आज भी पूजनिये है .

उन मौतों के बाद धनुषकोडी को भूतो का शहर कहा जाने लगा, लोग अपने कुछ किस्से भी कहते है इस जगह के बारे में.

अभी भी कुछ 300 मछुवारे के परिवार यहा रहते है और अपना गुजरा चलाते है, श्रीलंका से महज 28 किलोमीटर की दूरी पर स्तिथ है धनुषकोडी.

श्रीराम ने वानर सेना संग मिलके जो पुल लंका के लिए तयार किया था वोह युद्ध जितने के बाद विभीषण के कहने पर अपने धनुष के एक सिरे से तोड़ डाला था , तभी से इस जगह का नाम धनुषकोडी पड़ा.

धनुषकोडी, में आजकल hindi फिल्म्स के शूटिंग भी होती है, मोस्टली हॉरर मूवीज की, क्युकी उस भयंकर तूफ़ान ने इस सुन्दर जगह का चेहरा कुरूप बना दिया है .

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